अपनो की याद में आरा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

अपनो की याद में आरा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित
बोलता भोजपुर आरा।अपनों को याद करे, हर गम को बाटें और हर गम को गिने" अभियान के अन्तर्गत करोना काल में हुए मृतकों के याद में आरा के पकड़ी चौक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। इस दौरान अविनाश उपाध्यय, उर्मिला देवी, मनोज महतो, निर्मल महतो समेत चार दिवंगत लोगों की याद में एक मिनट की मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गयी। लोकसभा प्रत्याशी और भाकपा माले के वरिष्ठ नेता राजू यादव ने कहा कि हम यहां अपनों की याद करने जुटे हैं। कोरोना महामारी के दौरान जितना हो सका हमलोगों मदद की। सरकार ने लोकसभा में कहा कि एक भी व्यक्ति की मौत ऑक्सीजन के कमी से नहीं हुई। जबकि लोग ऑक्सीजन की कमी से मौत की वीडियो जारी कर रहे थे। लोगों को दाह-संस्कार करने तक की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही थीं। दवा और ऑक्सीजन के लिए लोग भटक रहे थे। ऐसा लग रहा था कि सरकार कंपनियों के साथ मिलकर दवाओं की कालाबाजारी कर रही है। साथ ही लोग आर्थिक और सामाजिक तौर पर ध्वस्त हो गए थे। उनका दुःख सुनने वाला कोई नहीं रहा। वके लोग टूट गये। आज हमें सामाजिक तौर पर एक दूसरे को जोड़ने की जरूरत है। कोरोना महामारी से सामाजिक जीवन जितना ध्वस्त हुआ उससे कही ज्यादा सरकार की बेरुखी ने लोगों को बरबाद कर दिया। कोरोना के दौरान हुई मौत का जिम्मेदार मोदी सरकार है। जिसने समय रहते स्वास्थ्य की जरूरी सेवाओं को मुहैया नहीं करवाया। आम लोगों की मौत को सरकार मज़ाक बनाती रही। लोग ऑक्सीजन और अन्य जरूरी दवाओं के कमी से जूझते रहे। लोगों के घर-मकान बिक गये। जान नहीं बच पाया। इस दौरान लोग हताश हुए। आम लोगों को एकजुट रहना है। सामाजिक और भावनात्मक तौर पर एकजुट रहना होगा। आशुतोष कुमार पांडेय ने कहा कि कोरोना के दौर देश की अंग्रेजी दौर की याद दिला रही थी। मोदी सरकार और बिहार की नीतीश सरकार हमेशा जनविरोधी नीतियों के लिए जानी जाती है परंतु इस बार उसकी करतूत ऐसी ही थी। सामाजिक एकजुटता के साथ ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। भाकपा माले नगर कमेटी सचिव दिलराज प्रीतम ने कहा कि सरकार लोगों की मौत के बाद आंकड़े नहीं बता पा रही है। आज हमें चाहिए हम सबको पता लगाकर एकजुटता दिखाए। माले नेता और वार्ड पार्षद अमित कुमार बंटी ने कहा कि लोगों की सही इलाज के चलते लोगों की मौत हुई। ऐसा कोई नहीं जो अपने परिचितों को नहीं खोया। हम सरकार से मांग करते है कि तीसरे लहर की आगमन से पहले ऑक्सीजन, दवाई बेड और अस्पताल की व्यवस्था की जाए और कोरोना के दूसरे लहर में हुई लोगों की मौत का मुआवजा दीजिये। इस दौरान अंगिआव विधायक मनोज मंजिल, आईसा नेता पप्पू कुमार, अरविंद दूबे, सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल यादव, संजय साजन, राकेश कुमार, धीरेंद्र आर्यन, विकास कुमार, सुजीत कुमार, अनीश कुशवाहा, धनंजय कुमार, सामाजिक नेता राजू कुशवाहा, कमलेश नोनिया, सोनमती देवी आदि लोग शामिल थे।