वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज उसी वैक्सीन की होगी जो पहले दो खुराक में दी गई थी : डीआईओ

वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज उसी वैक्सीन की होगी जो पहले दो खुराक में दी गई थी : डीआईओ

• हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र के लाभुकों को दिया जा रहा बूस्टर डोज
• दूसरी और तीसरी खुराक के बीच 9 महीने का अंतर अनिवार्य

बक्सर।जिले में 15 से लेकर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण शुरू हो चुका है। जिसके बाद सोमवार से हेल्थ व फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र के लाभुकों को बूस्टर डोज देने की प्रकिया शुरू हुई। कार्यक्रम की शुरुआत सदर प्रखंड स्थित ग्रामीण पीएचसी से की गयी। जहां पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ फ्रंटलाइन वर्कर्स ने बूस्टर डोज ली। जिसके बाद सभी प्रखंडों के पीएचसी व अन्य निर्धारित सत्र स्थलों पर प्रीकॉशन डोज देने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, प्रीकॉशन डोज के सिर्फ वही पात्र होंगे। जिनका दूसरी और तीसरी खुराक के बीच 9 महीने का अंतर है। यानी अप्रैल 2021 के पहले सप्ताह तक दूसरी खुराक पूरी करने वाले ही फिलहाल प्रीकॉशन डोज के पात्र हैं। मौके पर सदर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार, वीसीसीएम मनीष कुमार, बीएम सुशील कुमार, बीसीएम प्रिंस कुमार सिंह, पीडब्लूएम नागेश दत्त पांडेय समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहें।
नहीं दिखाना होगा किसी तरह का हेल्थ सर्टिफिकेट :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया, प्रिकॉशन डोज लेने वालों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि पहले और दूसरे डोज की तरह इस बार कोविन ऐप पर नए रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। जिन वरिष्ठ नागरिकों को प्रीकॉशन डोज लगवाना है, वो सीधे टीकाकरण केंद्र पर जाकर ऐसा कर सकते हैं। उन्हें किसी तरह का हेल्थ सर्टिफिकेट भी नहीं दिखाना होगा। हालांकि ऐसे व्यक्तियों को तीसरी खुराक लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है। हालांकि, जारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोविड-19 वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज वही वैक्सीन होगी जो पहले दो खुराक में दी गई थी। यानी, जिन लोगों ने पहले कोवैक्सिन लगी है, उन्हें कोवैक्सिन लगाई जाएगी, जिन्हें कोविशील्ड की दो खुराक मिली है, उन्हें कोविशील्ड ही लगाई जाएगी।


हेल्थ व फ्रंट लाइन वर्कर्स उत्साहित :
सरकार के प्रिकॉशन डोज देने की घोषणा के बाद से ही स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स में काफी खुशी थी। इस संबंध में सदर प्रखंड की आशा कार्यकर्ता नीतू देवी ने कहा, इस समय बक्सर जिला समेत पूरे देश मे कोरोना वायरस के डेल्टा और ओमिक्रोन वैरिएंट का प्रसार तेज हो गया है। ऐसे में हेल्थ वर्कर होने के नाते जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। लेकिन, प्रिकॉशन डोज लेने के बाद संक्रमण के प्रभाव को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया, जैसा की पूर्व में भी बार बार कहा जाता था कि वैक्सीन लेने के बाद भी कोविड के सामान्य नियमों का पालन करना जरूरी है। ताकि, संक्रमण प्रसार की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने जिलेवासियों से अनिवार्य रूप से मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील की।