जिला नियंत्रण कक्ष से कोविड के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं लोग

जिला नियंत्रण कक्ष से कोविड के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं लोग

• होम आइसोलेटेड मरीजों की स्थिति जानने के लिए दिन में दो बार किया जा रहा है कॉल
• 10 दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या 100 के पार, लोगों को सतर्क रहने की दी जा रही है सलाह

बक्सर | जिले में कोरोना संक्रमण प्रसार की रफ्तार तेज हो चली है। न केवल आम लोग अब प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। एक जनवरी से लेकर अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 100 के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में जिलेवासियों को संक्रमण के प्रकोप से बचाने के लिये सख्ती बढ़ाई जाने लगी है। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों की संख्या वृद्धि पर नियंत्रण पाने और महामारी से निपटने के लिये सुरक्षा व्यवस्था को मुस्तैदी से सुनिश्चित कर रहा है। वहीं, कोविड के तीसरी लहर के प्रभाव से बचने के लिए सभी निर्धारित आयु वर्ग के लोगों को टीकाकरण कराने की अपील की जा रही है। इसके लिये प्रभारी जिलाधिकारी सह डीडीसी डॉ. योगेश कुमार सागर ने सभी विभागों को सतर्क व सावधान रहते हुए कोविड रोधी कार्यों के निष्पादन की सलाह दी है। 

बॉर्डर इलाकों से जिले में आने वाले लोगों की भी होगी जांच :
डीपीएम सन्तोष कुमार ने बताया, जिले में कोरोना की बढ़ती स्थिति को देखते हुये 24×7 जिला नियंत्रण कक्ष (06183295703) का संचालन किया जा रहा है। जिला नियंत्रण कक्ष पर कोविड के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नियंत्रण कक्ष द्वारा आम लोगों के सूचना पर तुरंन्त की जाएगी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, समस्याओं के सुझाव हेतु भी कोविड-19 कंट्रोल रूम के संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया, कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव की रोकथाम हेतु जिले से सटे सभी बॉर्डर पॉइंट पर बाहर से आने जाने वाले लोगों का कोविड-19 का टेस्टिंग एवं टीकाकरण की तैयारी की जा रही है। ताकि, लोगों को संक्रमण प्रसार की सम्भवना से बचाया जा सके।

मरीजों को मुहैया कराया जा रहा है कोविड कीट व दवाएं :
प्रभारी सिविल सर्जन सह एसीएमओ डॉ. अनिल भट्ट ने बताया, विभाग से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में महामारी से बचाव के लिये सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। इसके लिये जिले में पर्याप्त मात्रा में कोविड-19 किट की उपलब्धतता सुनिश्चित की जा चुकी है। साथ ही, कोविड केयर सेंटर के अलावा सदर अस्पताल में बेड व ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था की जा चुकी है। वहीं, स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए आईसीयू वार्ड को भी क्रियाशील रखा जा रहा है। उन्होंने बताया, होम आइसोलेटेड मरीजों की प्रतिदिन दो बार कॉल कर उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है। विभाग के गाइड लाइन्स के अनुसार आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को कोविड कीट और दवाएं मुहैया कराया जा रहा है। इलाज के काम मे स्थिति ज्यादा गंभीर हो तो उनके लिए इलाज की समुचित व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है।

कोविड से बचाव के लिए समय पर दोनों डोज लेना जरूरी :
कोविड-19 के प्रभाव से बचाने के लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय वैक्सीनेशन है। इससे ना सिर्फ लोगों को सुरक्षित रखा जा सकेगा बल्कि, उसके प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। वहीं, प्रखंड व नगर प्रशासन की ओर से भी लोगों को कोविड के सामान्य प्रोटोकॉल मास्क पहनने और शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिये सख्ती बरती जा रही है। इसके लिए सभी प्रखंडों में सघन रूप से मास्क चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। बाजारों व चौक चौराहों पर लोगों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें अनावश्यक रूप से भीड़-भाड़ इक्कठा न करें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें एवं अपना तथा अपने परिवार का ख्याल रखें।