नवरात्र के चौथे दिन श्रद्धालुओ ने की माँ कूष्माण्डा व स्कंदमाता की पूजा अर्चना

नवरात्र के चौथे दिन श्रद्धालुओ ने की माँ कूष्माण्डा व स्कंदमाता की पूजा अर्चना
नवरात्र के चौथे दिन श्रद्धालुओ ने की माँ कूष्माण्डा व स्कंदमाता की पूजा अर्चना
गडहनी (भोजपुर)। प्रशासनिक गाइडलाइन के तहत प्रखण्ड क्षेत्र मे श्रद्धालु भक्तगणो द्वारा श्रद्धा पूर्वक माँ भगवती की पूजा आराधना की जा रही है।बतादें कि नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को माता रानी के चौथे स्वरूप कूष्माण्डा देवी व पंचम स्वरूप स्कंदमाता की पूजा आराधना विधि विधान के अनुसार वैद्विक मंत्रोचार के साथ की गई।पण्डित राजीव रंजन मिश्र बताते हैं कि रविवार को प्रातः 8 : 52 तक चतुर्थी तिथि होने से कूष्माण्डा देवी तदुपरांत पंचमी मे स्कंदमाता की पूजार्चन की गई।उन्होने बताया कि नवरात्र की पंचमी तिथि को माता दुर्गा को केले का भोग लगाना चाहिए इससे परिवार में सुख-शांति रहती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली देवी हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता हैं। स्कंदमाता हमें सिखाती हैं कि जीवन स्वयं ही अच्छे-बुरे के बीच एक देवासुर संग्राम है व हम स्वयं अपने सेनापति हैं। हमें सैन्य संचालन की शक्ति मिलती रहे। इसलिए स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। इस दिन साधक का मन विशुद्ध चक्र में अवस्थित होना चाहिए, जिससे कि ध्यान वृत्ति एकाग्र हो सके।यह शक्ति परम शांति व सुख का अनुभव कराती हैं।