किशोरियों को पोषण माह में एनीमिया से बचाव की दी गयी पूरी जानकारी

किशोरियों को पोषण माह में एनीमिया से बचाव की दी गयी पूरी जानकारी

• पूरे माह आंगनबाड़ी केंद्रों दौरान किशोरियों के बीच आयोजित हुई विभिन्न गतिविधियां
• किशोरियों के साथ साथ चिंहित गर्भवती महिलाओं को भी दी गई आयरन की गोलियां
• पोषण स्टॉल लगाकर लाभुकों का किया गया ज्ञानवर्धन

बक्सर | जिले में सितंबर के पूरे माह पोषण को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसलिए इसे पोषण माह भी कहा जाता है। जिसके तहत अभी आंगनबाड़ी केंद्र के पोषण क्षेत्र की गर्भवती व धात्री महिलाओं के साथ किशोरियों को सही पोषण के बारे में जागरूक किया गया। जिससे किशोरावस्था के दौरान ही वे अपने शरीर की कमजोरियों को दूर कर सकें। साथ ही, उन्हें भविष्य में शारीरिक कमजोरी का सामना न करना पड़े और यदि भविष्य में उनको खून की कमी महसूस भी हुई, तो वे घरेलु उपचार से ही उसे दूर कर सकें।
राष्ट्रीय पोषण मिशन के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार ने बताया, पोषण माह के तहत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम के जरिये महिलाओं व किशोरियों को सही पोषण की जानकारी दी जा रही है। किशोरियों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषण और एनीमिया को लेकर छोटी-छोटी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा चुकी हैं। साथ ही, गुरुवार को एनीमिया से बचाव के लिए उन्हें किन-किन चीजों का सेवन करना चाहिए, इसके बारे में भी संपूर्ण जानकारी दी गयी हैं।

एनीमिया से बचाव पर देना होगा विशेष ध्यान :
सिमरी सीडीपीओ संगीता कुमारी ने बताया, एनीमिया से बचाव के लिए किशोरियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासित किशोरियों के एनीमिया से ग्रसित होने के कई कारण हैं। जैसे पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों का अभाव, अशिक्षा, कुपोषण के प्रति जागरूक नहीं होना आदि। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासित किशोरियों का एनीमिया से ग्रसित हो जाना एक समान्य सी बात है, जिसके लिए अशिक्षा और कुपोषण के प्रति जागरूकता का अभाव है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आवासित किशोरियों को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों का अभाव रहता है। जिसके लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर उनका ज्ञानवर्धन किया जा रहा है। साथ ही, आरोग्य दिवस के अवसर पर उनके बीच आयरन की नीली गोलियां भी बांटी जा रही है।

आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का कमी होना एनीमिया का मुख्य कारण :
किशोरियों को एनीमिया से ग्रसित होने से बचाने के लिए आवश्यक है कि उनके शरीर में आयरन की कमी न होने दिया जाये। किशोरियों को इस अवस्था में जब उनके शारीरिक-मानसिक विकास के लिए आवश्यक है कि उनके शरीर में रक्त की कमी न होने पाये। किशोरियों में आयरन की कमी का मुख्य कारण है उनके आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का कमी होना जैसे हरी पत्तेदार सब्जी, लाल रंग के फल, राजमा, बीन्स, पोल्ट्री उत्पाद, मांस, अंडे, मछली आदि। इसलिए उन्हें अपने आहार में इन चीजों को शामिल करना होगा। अगर किशोरियां शुरुआत से ही इसे लेकर जागरूक रहेंगी, तो आगे उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं होगी।